गंगा-जमुनी तहजीब में सेतु का कार्य करती है हिंदी : प्रधानाचार्य।

गंगा-जमुनी तहजीब में सेतु का कार्य करती है हिंदी : प्रधानाचार्य।

लनामिविवि : स्थानीय चेथरू महतो जनता महाविद्यालय, दोनवारी हाट, खुटौना, मधुबनी में प्रधानाचार्य प्रो. मो. रहमतुल्लाह की अध्यक्षता में हिंदी दिवस का कार्यक्रम आयोजित किया गया।

अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में प्रधानाचार्य प्रो. मो. रहमतुल्लाह ने प्रत्यक्ष रूप से चेथरू महतो जनता महाविद्यालय, दोनवारी हाट, खुटौना, मधुबनी व दूरभाष से महारानी कल्याणी महाविद्यालय, लहेरियासराय दरभंगा के छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज हिंदी दिवस है। अब वो दिन दूर नहीं जब हिंदी वैश्विक भाषा के रूप में खुद को दुनिया के सामने स्थापित करेगी। यह सिर्फ एक भाषा नहीं बल्कि आदरसूचक भाषाओं की सूची में शुमार है। आप किसी भी भाषा में सामने वाले के इंटेंशन को नहीं पकड़ सकते हैं कि उनके मन में आपके प्रति क्या भाव है क्योंकि दूसरे अन्यत्र भाषाओं में पर्यायवाची आदरसूचक शब्दों का अभाव है लेकिन हिंदी ऐसी भाषाओं की सूची में शुमार है जिसमें अलग-अलग उम्र के लोगों के लिये अलग-अलग आदरसूचक शब्द है जो यह साबित करता है कि हिंदी संस्कार व तहजीब की भाषा है। आज गंगा-जमुनी तहजीब को जीवंत रखने में हिंदी अग्रणी स्थान रखता है। इसीलिए हिंदी शर्म की नहीं बल्कि गर्व की भाषा है। आप इसका ज्यादा से बोल-चाल व लेखन में प्रयोग करें। हम दोनों महाविद्यालय के शिक्षकों व कर्मियों को भी आह्वान कर रहे हैं कि इस पखवारा को हिंदी पखवारा के रूप में मनाएं और उपस्थिति पत्रक में भी अपना हस्ताक्षर इस पखवारा हिंदी में ही करें।

इस दौरान शिक्षक डॉ. रमण कुमार राजेश, डॉ. चितरंजन कुमार रंजन, शत्रुघ्न कुमार, डॉ. राकेश कुमार रंजन, डॉ. अब्दुल मन्नान, डॉ. हनीफ आलम, डॉ. विकास कुमार सहित दर्जनों छात्र-छात्राओं ने भी अपना विचार व्यक्त किया। इस क्रम में डॉ. सुशील कुमार सुमन, डॉ. कृष्णदेव भारती, डॉ. मीरा व डॉ. विनोद कुमार मंडल सहित कर्मी व सैकड़ों छात्र-छात्रा उपस्थित थे।

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