दरभंगा । मिथिला विश्वविद्यालय के शोधार्थियों की एक ऑनलाइन बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि शोधार्थियों की समस्या को देखते हुए एक संघ का निर्माण किया जाय ताकि शोधार्थियों की समस्या को मजबूती के साथ रख सके। जिसके बाद सर्वसम्मति से पैट- 2019 (अर्थशास्त्र) के शोधार्थी रघुबर प्रसाद सिंह को शोधार्थी संघ का अध्यक्ष चुना गया। साथ ही एक मार्गदर्शक मंडल का भी गठन किया गया। मार्गदर्शक मंडल में पूर्ववर्ती शोधार्थी डॉ० चंदन ठाकुर व पैट- 2017 के हिमांशु कुमार को सर्वसम्मति से चुना गया। जिसके बाद तुरंत सदस्यता अभियान का ऑनलाइन लिंक शोधार्थियों को दे दिया गया। अगले रविवार को पुनः एक बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया गया। जिसमें संघ के विस्तार पर चर्चा होगी।
इस बाबत अध्यक्ष चुने जाने पर रघुबर प्रसाद सिंह ने बताया कि शोधार्थियों ने जो विश्वास मुझ पर जताया है। मेरी कोशिश होगी कि मैं उनके समस्याओं के साथ सदैव खड़ा हो सकूं। सबका साथ व सबका विश्वास मेरा पहला प्राथमिकता होगा। अब शोधार्थियों को भटकना नहीं पड़ेगा। संघ के माध्यम से उनके समस्याओं को त्वरित निपटारा किया जाएगा। खासकर दूर-दराज के शोधार्थी जानकारी के अभाव में आर्थिक शोषण का शिकार हो जाते हैं। अब उन्हें आर्थिक व मानसिक शोषण के शिकार होने से संघ बचाएगा। संघ का सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है। जो शोधार्थी आज के बैठक में भाग नहीं ले पाये हैं वो भी ऑनलाइन सदस्यता लेकर संघ से जुड़ सकते हैं।
मार्गदर्शक मंडल में चुने जाने पर डॉ० चंदन ठाकुर व हिमांशु कुमार ने अपने संयुक्त संबोधन में कहा कि अध्यक्ष व शोधार्थियों को मार्गदर्शित करना मेरा पहला कर्तव्य होगा। साथ ही संघ में शोधार्थियों के साथ कब क्या समस्या आ रहा है, इस पर नजर बनाए रखना व उनके त्वरित निपटारे के लिये संघ को सटीक सुझाव देना मेरा पहला प्राथमिकता होगा।
इस ऑनलाइन बैठक में पीआरटी- 2016 व 2017 तथा पैट- 2018, 2019 व 2020 के बिहार, झारखंड, उत्तरप्रदेश, पूर्वोत्तर के कुछ राज्य समेत दक्षिण भारत से भी सैकड़ों शोधार्थी राहुल कुमार, अमन कुमार, मुकुंद कुमार, रामप्रवेश कुमार, पंकज सिंह, बिनोद कुमार, संजीव कुमार, चंदन कुमार, बिक्की कुमार, अजय कुमार, नेहा सहनी, पूजा गुप्ता, अनिता कुमारी, प्रियंका प्रिया, सुलोचना कुमारी, निलू फार, अनुराधा कुमारी, वर्षाना कुमारी, दीप्ती कुमारी, कंचन कुमारी आदि ने भाग लिया।