मधुबनी. दरभंगा राजघराने के महल की कलाकृति शुरू से ही लोगों को आकर्षित करती रही है. राजशाही खत्म होने के बाद दरभंगा राजघराने के कई महलों और परिसरों को सरकार ने ओवरटेक करते हुए उसमें सरकारी कार्यालय, प्रशिक्षण केंद्र, एसएसबी कैम्प आदि की स्थापना की है.
इसी कड़ी में राजघराने के ही जयनगर पैलेस को भी संरक्षित करने की दिशा में बिहार सरकार ने कदम उठाया है. पर्यटन विभाग की पहल के बाद राजनगर में पर्यटकों के आने का सिलसिला और बढ़ जाएगा. साथ ही इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे.
दरअसल मधुबनी जिले के राजनगर पैलेस को पर्यटन दृष्टिकोण से विकसित करने की कार्ययोजना को लेकर हाल ही में पर्यटन सचिव अभय कुमार सिंह ने विभागीय टीम के साथ स्थल का निरीक्षण किया था. इस दौरान उन्होंने दरभंगा राजघराने के वारिस कपिलेश्वर सिंह और सभी संबंधित जिलास्तरीय अधिकारियों के साथ बैठक भी की. बैठक में विभागीय सचिव श्री सिंह ने कहा कि राजनगर पैलेस को राज्य के सांस्कृतिक विरासत के रूप में संरक्षित करने और पर्यटकीय स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा.
पर्यटन सचिव श्री सिंह ने कहा कि राजनगर पैलेस में बहुत कुछ बदलाव होगा. राजनगर को बिहार की विरासत और गर्व के प्रतीक के तौर पर पूरे देश में प्रोजेक्ट किया जा सकता है. यहां ज्यादा से ज्यादा टूरिस्ट आएं, इसके लिए बेसिक सुविधाओं का भी प्रबंध किया जाएगा. पूरे राजनगर पैलेस की बाहरी हिस्से की मरम्मत और सफाई के बाद शानदार लाइटिंग की जा सकती है. यहां पर रेस्टोरेंट/कैफेटेरिया, साउंड एंड लाइट शो जैसे आकर्षण के साथ अन्य पर्यटकीय सुविधाओं का विकास किया जाने वाला है.

