विचाराधीन कैदी प्रभाष यादव की मौत के मामले में पप्पू यादव ने किया न्यायिक जांच की मांग।

विचाराधीन कैदी प्रभाष यादव की मौत के मामले में पप्पू यादव ने किया न्यायिक जांच की मांग।

दरभंगा मंडल कारा में पिछले 5 वर्ष से कैद विचाराधीन कैदी प्रभाष यादव की रविवार की सुबह मौत हो गई। परिजनों ने जेल प्रशासन पर सांठगांठ का आरोप लगाते हुए जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। जेल प्रशासन की माने तो प्रभाष यादव कि अहले सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई। उसे तुरंत डीएमसीएच भेजा गया, जहां उसकी मौत हो गई। वहीं जब इसकी जानकारी जाप सुप्रीमो पप्पू यादव को लगी तो वो रविवार की देर शाम पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और इस घटना की न्यायिक जांच की मांग की है।

वहीं पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रभाष यादव के परिजनों ने बताया कि किस तरह से जेल में प्रभाष यादव को मारने की साजिश रची गई। इस घटना में न्यायिक जांच की मांग करते हैं। किसी भी परिस्थितियों में यह न्यायिक जांच का विषय है। अविलंब जेल अधीक्षक और जेलर को सस्पेंड किया जाए और जिन जिन लोगों की इस घटना में संलिप्ता है। सभी पर 302 की मुकदमा चलाया जाए। वहीं उन्होंने कहा कि जब जेल में दुनिया के सारे गलत काम जेल से होने लगे हैं। ऐसे में सरकार को कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

वहीं पप्पू यादव ने कहा कि जेल से ज्यादा सुरक्षित कहां। जब जेल में लोग सुरक्षित नहीं बचेंगे तो उससे ज्यादा सुरक्षा तो कहीं और नहीं हो सकता है। तब तो बचने की ही उम्मीद किसी को नहीं है। इसीलिए मैं एक बार फिर कहना चाहूंगा कि पूरा दरभंगा जमीन माफिया के हाथ में है, जिनका सांठगांठ यहां के नेताओं के साथ है। नेता और पदाधिकारियों का इन लोगों के साथ क्या रिश्ता है। उनकी भी जांच होनी चाहिए। पूरे जेल की सीसीटीवी फुटेज को खंगालना चाहिए और दोषियों को चिन्हित कर कड़ी से कड़ी सजा दी जाए। इसके लिए मैं सरकार से भी बात करूंगा।

इससे पहले पप्पू यादव बहेड़ी थाना क्षेत्र में हुए ट्रिपल हत्या कांड में मृत अनिल सिंह के घर उझौल पहुंचे। जहां उन्होंने अनिल सिंह के मां, पत्नी और उनके लड़को से मुलाकात कर सारी बातों को जानकारी ली और अपनी संवेदनाओं के साथ दुख व्यक्त किया। वही उन्होंने कहा कि यह घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। हम इस घटना में एसआईटी जांच की मांग करते हैं और एसटीएफ का गठन कर सरकार से अपराधियों पर कार्रवाई का आग्रह भी करते हैं।

बताते चले वर्ष 2018 में जमीनी विवाद में प्रभाष यादव ने औझौल गांव निवासी सुनील सिंह की हत्या के आरोप में पिछले 5 वर्ष से कैद विचाराधीन कैदी के रूप में थे। उसी जमीनी विवाद में एक बार फिर 30 अप्रैल 2023 को सुनील सिंह के भाई रवि पर जानलेवा हुआ, जिसमें रवि सिंह की मौत हो गई थी। इस मामले में गरथू यादव, अभिनंदन, अविनाश, चंद्रहास और राकेश को आरोपी बनाया गया था। जिसमे पुलिस ने चंद्रहास और राकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। तथा गरथू यादव, अभिनंदन, अविनाश फरार चल रहे है।

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