शंकर लोहार से सिसौनी पथ में बन रहे निर्माणाधीन पुल के नजदीक बह गया डायवर्सन,  कंपनी पर लापरवाही का आरोप।

शंकर लोहार से सिसौनी पथ में बन रहे निर्माणाधीन पुल के नजदीक बह गया डायवर्सन, कंपनी पर लापरवाही का आरोप।

दरभंगा के शंकर लोहार से सिसौनी हो रहे पथ निर्माण के बीच कोणी घाट के पास निर्माणाधीन पुल का निर्माण अचानक कमला बलान में बाढ़ का पानी आ जाने से रुक गया है। इस जगह पर पूर्व से निर्मित पुल को सड़क निर्माण कंपनी के द्वारा तोड़ दिया गया था।

लोगों के आवाजाही के लिए एक डायवर्सन का निर्माण किया गया था जो डायवर्सन बीती रात नदी की तेज धार में बह गया जिसके बाद वहां का आवागमन ठप हो गया है लोगों को 200 मीटर की दूरी तय करने के लिए अब 8 से 10 किलोमीटर घूम कर जाना पड़ता है। क्योंकि यहां पर अभी तक कोई सरकारी व्यवस्था या कंपनी की तरफ से कोई भी अल्टरनेटिव नहीं तैयार किया गया है।

लोगों का कहना है कि डायवर्सन के नीचे पानी के बहाव के लिए सीमेंट की बनी दो पाइपों को रखा गया था जिसे कंपनी ने जेसीबी से हटवा लिया जिससे यहां का डायवर्सन क्षतिग्रस्त हो गया अगर वह ना हटाया जाता तो डायवर्सन जस का तस बना रहता वही कंपनी का कहना है कि अचानक से उनकी लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है और वहां पर अधिक नुकसान ना हो इसके लिए सीमेंट के पाइप को हटाया गया था।

76 लाख रुपए से निर्मित होने वाली है सड़क की जिम्मेदारी भारतीय इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दी थी यह टेंडर 2021 में हुआ था जिसका पूरा करने का समय 2024 के मार्च तक दिया गया है।

इस पुल निर्माण के मुंशी मणि भूषण कुमार ने बताया कि अचानक दो-तीन दिनों से पानी बढ़ने लगा था और अचानक बुधवार की रात 7:00 बजे तेज रफ्तार पानी की धार ने इसे तोड़ दिया आगे उन्होंने बताया कि इस पुल का निर्माण जून 2022 से किया जा रहा है उन्होंने पुल निर्माण के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यहां है हेवी लोडेड पुल का निर्माण करना है यह टोटल ब्रिज की लंबाई 54 मीटर की है और एक पिलर बनाने में 73 फीट 22 मीटर नीचे खुदाई करना पड़ता है उसके बाद नीचे वेल केप बनाना पड़ता है।

उन्होंने आगे बताया कि इस डायवर्सन के निर्माण में 17 से 18 लाख का खर्च आया था आगे उन्होंने पुल निर्माण में हो रही देरी के बारे में बताया कि इस सड़क की कुल लंबाई 21.9 किलोमीटर है और इस सड़क पर इतना ज्यादा अतिक्रमण है

उनका आरोप है कि यहां ग्रामीणों के द्वारा पुल निर्माण में इतनी दिक्कतें दी गई कि जिससे यह प्रोजेक्ट समय से पीछे चल रहा है अगर ऐसा नहीं होता तो डिपार्टमेंट के हिसाब से इस काम को पूरा कर लिया गया होता और जहां या पुल निर्माण हो रहा है उस जगह भी तीन से चार महीना अतिक्रमण का सामना करना पड़ा है उन्होंने आगे बताया कि अभी भी कुछ जगहों पर अतिक्रमण है ही यहां के स्थानीय नेताओं से पुल निर्माण की कंपनी ने बात करा जिसके बाद भी कोई पहल नहीं हुआ।

वही वहां के स्थानीय कमलेश राय ने बताया कि या डायवर्सन इस इलाके के लोगों के लिए लाइफलाइन था यहां ग्रामीणों की मांग पर अप्रोचिंग पुल का निर्माण किया जाना था लेकिन उससे पहले ही बाढ़ के पानी आ जाने से सब कुछ समाप्त हो गया आगे उन्होंने बताया कि यह जो कुछ भी दुर्दशा यहां पर है वह विभागीय लापरवाही है जिस समय में बाढ़ की समस्या नहीं थी उस समय में कंपनी ने विशेष ध्यान नहीं दिया।

उन्होंने बताया कि पुल के कर्मचारियों के द्वारा जेसीबी से सीमेंट के पाइप को निकाल लिया गया जिसके कारण यह बांध टूट गया और आज यहां की लोगों की ऐसी दुर्दशा है अतिक्रमण की बात पर उन्होंने बताया कि अतिक्रमण से कुछ ज्यादा समस्या नहीं है और इस वजह से पुल निर्माण में कोई परेशानी नहीं है और अगर अतिक्रमण है अभी तो यह विभाग का दायित्व था इसे पूरा क्यों नहीं किया गया।

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