बिहार में शिक्षक बनने के लिए बिहारी होना जरूरी नहीं:नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, शिक्षक नियुक्ति की नई नियमावली में बदलाव।

बिहार में शिक्षक बनने के लिए बिहारी होना जरूरी नहीं:नीतीश कैबिनेट का बड़ा फैसला, शिक्षक नियुक्ति की नई नियमावली में बदलाव।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज कैबिनेट की मीटिंग बुलाई थी. आज मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। आज की बैठक में कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगी है. बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक नियुक्ति संशोधन नियमावली 2023 की स्वीकृति दी गई है. इस नियमावली के संशोधन के बाद विद्यालय अध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए बिहार के स्थाई निवासी होने की अहर्ता अनिवार्य नहीं रहेगी. यानी कि बिहार का स्थायी निवासी नहीं होने के बाद भी आप इसके लिए योग्य हैं.

पंचायती राज विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में लिपिक संवर्ग के पूर्व से सृजित पदों के अलावे 675 पद, जिसमें निम्न वर्गीय लिपिक 593, उच्च वर्गीय लिपिक 42, प्रधान लिपिक 31 एवं कार्यालय अधीक्षक के 9 पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है.बिहार के 8 जिलों अररिया, अरवल, नवादा, मधुबनी, लखीसराय, वैशाली, कटिहार एवं सीतामढ़ी में 520 बेड के अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय प्लस टू विद्यालय निर्माण के लिए 46 करोड़ 35 लाख 28,000 प्रति विद्यालय की दर से कुल 370 करोड़ 82 लाख 24 हजार रू की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है.

नौबतपुर से शहर रामपुर दुल्हन बाजार पथ के चौड़ीकरण के लिए 49 करोड़ 77 लाख ₹77000 की प्रथम किस्त की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. भूमि संरक्षण निदेशालय के अधीन पूर्व से स्वीकृत विभिन्न कोटि के 305 पदों में से 108 पदों को प्रत्यर्पित किया गया एवं 197 पदों को सम परिवर्तित किया गया. इसके बाद विभिन्न कोटि के कुल 151 नए पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है. बिहार में पर्यटकों को आधुनिक सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पटना में होटल पाटलिपुत्र अशोक, बांकीपुर बस स्टैंड परिसर एवं सुल्तान पैलेस की भूमि पर पांच सितारा होटल के निर्माण एवं संचालन की स्वीकृति दी गई है.

मुख्यमंत्री नारी शक्ति योजना के तहत पालना घर के संचालन के लिए पूर्व से निर्धारित दर में बढ़ोतरी की गई है. अब 852868 की दर से पालना घर की स्थापना एवं संचालन किए जाने की स्वीकृति मिली है. मेसर्स बृजेंद्र कुमार बिल्डर्स बाढ़ मोकामा को बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली के तहत वित्तीय प्रोत्साहन क्लीयरेंस की स्वीकृति दी गई है.

वित्तीय वर्ष 2023-24 में सात निश्चय योजना-2 के तहत देशी गाय गोपालन योजना के तहत सैंतीस करोड़ पांच लाख पैंतालीस हजार रू की स्वीकृति दी गई है. इस राशि से सभी वर्ग के पशुपालक, कृषक बोरजगार नौजवान युवक-युवती स्वरोजगार कर सकते हैं. इसके लिए सरकार 2,4,15 एवं 20 देशी गाय, साहिवाल,गीर, थारपारकर की डेयरी इकाई की स्थापना के लिए अनुदान देगी.

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