दरभंगा । बिहार में चतुर्दिक नितीश सरकार का काम दिखाई देता है । भाजपा की मनसा और नियत दोनों बिहार के हितों के विपरीत है लेकिन नितीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार अपने बलबूते यहाँ के विकास के लिए सक्षम है। डीएमसीएच दरभंगा में नए अस्पताल में 2100 बेड के लिए 2546.41 करोड़ रूपये की मंजूरी इसका ज्वलंत उदाहरण है जिसके लिए बिहार के सीएम बधाई के पात्र है।। जदयू के प्रदेश प्रवक्ता सह बेनीपुर बिधायक प्रो0 विनय कुमार चौधरी ने उपरोक्त बाते कही है । डीएमसीएच के लिए नितीश सरकार के इस फैसले को मिथिला के लिए वरदान बताते हुए बिधायक ने कहा की इसके निर्माण हो जाने से दरभंगा और आसपास के एक दर्जन जिलो में स्वस्थ्य सेवा की ब्यबस्था बेहतर हो जायेगी । बिधायक प्रो0 चौधरी ने भाजपा की निति एवम् नियत को बिहार के लिए खतसरणक बताते हुए कहा की की केवल मन्दिर मस्जिद की राजनीती से लोगो का भला नही हो सकता और नफरत की राजनीती टिकाऊ नही होती। बिधायक प्रो0 चौधरी ने एम्स के मुद्दे पर स्थानीय संसद की आलोचना करते हुए कहा की अपने आकाओ को बरगलाकर राज्य सरकार के प्रस्ताव को ख़ारिज करवाया गया हैं जिसका खामियाजा भाजपा को भुगतना परेगा । बिधायक प्रो0 चौधरी ने स्थानीय संसद सहित भाजपा जनप्रतिनिधियो पर अकर्मण्यता का आरोप लगते हए कहा की हिम्मत है तो अपना एक भी काम दिखाए।उन्होंने कहा कि गुरु – चेला षड्यंत्र के तहत एम्स नहीं होने दे रहे हैं ।बिहार सरकार द्वारा दूसरे एम्स के लिए दरभंगा का चयन करने के बाद भी तत्कालीन केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री शअश्विनी चौबे द्वारा भागलपुर और दरभंगा दो जगह टीम भेजना तर्कसंगत नहीं था। भागलपुर की जनता को ठगने का काम किया जा रहा था। साथ ही दो क्षेत्रों के बीच आपसी वैमनस्य पैदा करने का प्रयास किया गया था।
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