यूनेस्को क्लब द्वारा अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित।

दरभंगा: अंतरराष्ट्रीय प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दरभंगा यूनेस्को क्लब के तत्वावधान में सीएम कॉलेज, दरभंगा के सेमिनार हॉल में “संगोष्ठी सह पत्रकार सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जिसमें संदीप विश्वविद्यालय, मधुबनी के कुलपति प्रोफेसर समीर कुमार वर्मा उद्घाटन कर्ता, सीएम कॉलेज के प्रधानाचार्य डा अशोक कुमार पोद्दार मुख्य अतिथि, क्लब के अध्यक्ष रतन कुमार खेरिया, महासचिव अमरनाथ साह, कोषाध्यक्ष डा आरएन चौरसिया, संस्थापक अध्यक्ष विनोद कुमार पंसारी, निवर्तमान अध्यक्ष मनोरंजन कुमार अग्रवाल, एनएसएस पदाधिकारी द्वय डा रितिका मौर्या एवं प्रो अखिलेश कुमार राठौर, क्लब के सदस्य डा विनोद कुमार एवं डा मधु रंजन प्रसाद, हिन्दी की प्राध्यापिका डा बिन्दु चौहान, पत्रकार डा सतीश कुमार, नवीन कुमार सिन्हा, संतोष दत्त झा, राजू सिंह, शशि मोहन भारद्वाज, अमलेश्वरी चरण सिन्हा, सुभाष शर्मा, वीरेन्द्र ठाकुर, अभय राज, अजीत कुमार सिंह, अफजल खान, नीरज कुमार तथा सहायक अमरजीत कुमार एवं अरबाज खान सहित करीब एक सौ छात्र- छात्राएं उपस्थित थे।

उद्घाटन संबोधन में प्रो समीर कुमार वर्मा ने कहा कि लोकतंत्र में जनता सर्वोच्च स्थान रखती है, जिसकी आवाज को पत्रकार बुलंद करते हैं। प्रजातांत्रिक देशों में ही प्रेस की स्वतंत्रता संभव है। बिना स्वतंत्र पत्रकारिता के समाज का वास्तविक कल्याण असंभव है।

प्रधानाचार्य डा अशोक कुमार पोद्दार ने समारोह आयोजन के लिए यूनेस्को क्लब को धन्यवाद देते हुए कहा कि वर्तमान पत्रकारिता गंभीर दौर से गुजर रही है। आज के दिन हमें विचार करना चाहिए कि पत्रकारों को कितनी स्वतंत्रता एवं सुविधाएं प्राप्त हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब पत्रकार सुविधाहीन अवस्था में पत्रकारिता कर रहे हैं जो वास्तव में गरीबों के पत्रकार हैं। वहीं दूसरी ओर बड़े शहरों में संपन्न पत्रकार हैं, जिन्हें अमीरों का पत्रकार कहा जा सकता है। मैं पत्रकारों के जज्बे को सलाम करता हूं, जिनपर आने वाली पीढ़ी को बचाने और आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है।

समारोह के संयोजक एवं संचालक विनोद कुमार पंसारी ने बताया कि यूनेस्को एवं यूएनओ की पहल पर पत्रकारों की स्वतंत्रता एवं संरक्षण देने के उद्देश्य यह दिवस गत 30 वर्षों से मनाया जा रहा है। लोकतंत्र के सजग प्रहरी के रूप में पत्रकारिता को चौथा स्तंभ कहा जाता है। कोरोना काल में भी पत्रकारों की सराहनीय भूमिका रही है। वहीं पत्रकारों की ओर से अमलेश्वरी चरण सिंहा, नवीन कुमार सिंहा, सुभाष शर्मा, संतोष दत्त झा एवं शशि मोहन भारद्वाज आदि ने अपने विचार रखें। वहीं छात्रों की ओर से चयनित राहुल प्रियदर्शी, कुमार सौरभ तथा सफीना महफूज ने स्वतंत्र पत्रकारिता के महत्व एवं उसकी वर्तमान दिशा- दशा पर वेबाक विचार रखे, जिन्हें क्लब की ओर से मेडल आदि द्वारा सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न प्रिंट इलेक्ट्रॉनिक एवं वेब मीडिया के दर्जनभर से अधिक पत्रकारों को फूल- माला, चादर एवं स्मृति चिह्न से सम्मानित किया गया। वहीं आगत अतिथियों का भी फूल- माला, चादर एवं स्मृति चिह्नों से स्वागत किया गया। समारोह का उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन से हुआ।
अतिथियों का स्वागत करते हुए रतन कुमार खेड़िया ने कहा कि 1993 में यूएनओ घोषणा के बाद इस दिवस को मनाना प्रारंभ हुआ। पत्रकारिता समाज का आईना है जो समाज में घटित घटनाओं को प्रदर्शित करता है। आज के दिन हम प्रेस की स्वतंत्रता का मूल्यांकन एवं दिवंगत पत्रकारों को श्रद्धांजलि भी देते हैं। वहीं धन्यवाद ज्ञापन करते हुए क्लब के कोषाध्यक्ष डा आरएन चौरसिया ने कहा कि पत्रकारिता गरीबों, शोषितों एवं समाज के अंतिम पंक्ति पर स्थित लोगों की आवाज है। यह लोगों को शिक्षित, सूचित, जागरूक एवं संवेदनशील बनाने के साथ ही उनका मनोरंजन भी करती है। पत्रकारिता का राष्ट्र निर्माण में काफी योगदान रहा है जो समाज एवं सरकार को दिशा- दशा प्रदान करती है।

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