आनंद मोहन की रिहाई पर सियासी घमासान, CM नीतीश-सुशील मोदी में छिड़ी ‘जुबानी जंग’।

बिहार: बिहार के बाहुबली नेता व पूर्व सांसद आनंद मोहन की रिहाई पर सियासी घमासान जारी है. आलम ये हो गया है कि अब सीएम नीतीश को खुद आरोपों पर सफाई देनी पड़ रही है. बीजेपी से राज्यसभा सांसद और बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने आरोप लगाया कि आनंद मोहन की रिहाई सियासी फायदे के लिए सीएम नीतीश द्वारा कराई गई है तो वहीं, सीएम नीतीश में जवाब में सुशील मोदी के साथ आनंद मोहन की तस्वीर दिखाते हुए कहा है कि खुद सुशील मोदी ही उनकी रिहाई की मांग कर रहे थे और अब जब रिहाई हो गई है तो उस पर भी सवाल खड़ा कर रहे हैं. सीएम नीतीश कुमार ने कहा कि आनंद मोहन की रिहाई नियमों के तहत की गई है. वहीं, सुशील मोदी ने कहा कि मैंने कभी भी कानून बदलकर रिहाई की मांग नहीं की थी. देश नीतीश कुमार को माफ नहीं करेगा.

सुशील कुमार मोदी ने कहा कि कृष्णैया हत्याकांड के समय लालू प्रसाद मुख्यमंत्री थे, इसलिए वही बतायें कि यदि पूर्व सांसद आनंद मोहन निर्दोष थे, तो उन्होंने उस समय उनकी कोई मदद क्यों नहीं की ? उन्होंने आगे कहा कि कहा कि दलित आइएएस अधिकारी की ड्यूटी के दौरान दिनदहाड़े हुई हत्या की यह जघन्य घटना लालू राज के डरावने दिनों की याद दिलाती है. उस दौर में दलितों के नरसंहार, हत्या और व्यवसायों के अपहरण की घटनाएँ आम हो चुकी थीं.

उन्होंने कहा कि आनंद मोहन के मामले में लालू-राबड़ी सरकार ने सेशन कोर्ट से हाईकोर्ट तक उनकी रिहाई का विरोध किया था. आज यही लोग उनकी रिहाई के लिए जेल कानून को बदल रहे हैं. सुशील मोदी ने कहा कि 2005 तक राजद की सरकार थी. तब क्यों नहीं आनंद मोहन को निर्दोष बताने की कोशिश की गई, इसका जवाब तो लालू प्रसाद ही दे सकते हैं. उन्होंने कहा कि आज चुनावी लाभ के लिए लाखों सरकारी कर्मचारियों की सुरक्षा को ताक पर रख कर राजद-जदयू की सरकार दुर्दांत अपराधियों को रिहा कर रही है.

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