दरभंगा।जिला मुख्यालय एवं आयुक्त कार्यालय परिसर में पीने की पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है।इस भीषण गर्मी में भी कर्मियों व आमलोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।समाहरणालय परिसर में जहां सरकारी फाइलों में गिनती के लिए कई चापाकल हैं जिसमें अधिकांश बंद पड़े हुए है।जिससे अपने कामों से आने वाले आम लोग व कार्यालय कर्मियों को पीने की पानी के लाले पड़े हुए हैं।बताते चलें कि जिले भर से लोग मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों में हर दिन अपने कामों से आते हैं लेकिन इस भीषण गर्मी में परिसर में लगे चापाकल के खराब होने से पीने के पानी के लिए इधर उधर भटकते नजर आते हैं।
मुख्यालय परिसर में यह आलम सिर्फ गर्मी के मौसम में ही नहीं इससे पूर्व ठंडी में भी यह चापाकल बंद ही नजर आते रहे हैं।जानकारी के मुताबिक आयुक्त कार्यालय परिसर में दो,एडीएम कार्यालय के पास 2,पेंशनर एशोसिएशन के पास 1,कर्मचारी विश्राम गृह के पास 1,अम्बेडकर सभागार के सामने 1,डीआरडीए के मुख्य गेट पर 1 समेत अन्य कार्यालयों में भी चापाकल खराब हैं।ये सभी जिला मुख्यालय का वह कार्यालय हैं जिसमें जिला भर के योजनाओं की रणनीति तैयार किया जाता है,मगर खराब पड़े चापाकल पर हाकिमों की नजर नहीं पड़ती है।इनमें से किसी किसी चापाकाल से बरसात व ठंडी के दिनों में थोड़ा थोड़ा पानी निकलता रहता है। लेकिन गर्मी में चापाकल से पानी निकलना बंद हो गया है।
लापरवाही का आलम यह है कि हर साल गर्मी की मौसम शुरू होते ही डीएम द्वारा चापाकल मरम्मती टीम को हरी झंडी दिखाकर मुख्यालय से ही रवाना किया जाता है मगर विडंबना यह है कि जिस परिसर से डीएम द्वारा हरी झंडी दिखाई जाती है उसी परिसर में ही चापाकल अपने हालात पर आंसू बहा रहा है तो फिर ग्रामीण क्षेत्रों का हालात क्या होगा।लोगों का कहना है कि अधिकारी के चेंबर में तो डब्बा बंद शीतल जल पहुंच जाता है लेकिन आम लोगों को चापाकल का पानी भी नसीब नहीं होता है।समाहरणालय कर्मी एवं आम लोग थक हार कर सड़क किनारे लगे ठेले पर विभिन्न दुकानों पर पानी पीने को मजबूर हैं।हैरानी की बात यह है कि जिस जिला मुख्यालय से पूरे जिला के योजनाओं की रणनीति तैयार किया जाता है उस जिला मुख्यालय का यह हाल है।