युवा शक्ति कर सकती है राजनीति में बदलाव

युवा किसी भी देश का वर्तमान होता है। उसी के हाथ में उसके देश का कार्यभार होता है। युवा देश की ताकत होता है। एक युवा देश के विकास की नींव रखता है। वहीं देश को विकास की राह में ले जा सकता है। जिस देश में युवा अधिक होते हैं, वह देश अपने आप ही शक्तिशाली बन जाता है। युवा एक देश की उम्मीद होता है। युवा देश में लोकतंत्र को मजबूत बनाता है। इस देश को लोकतांत्रिक देश बनाने में युवाओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। देश की आजादी के लिए भी युवाओं ने अपने प्राण दिए हैं। आज भी युवा लोकतंत्र को काफी प्रभावित करता है। आज युवा इस लोकतंत्र की शक्ति है। युवाओं का वोट अत्यंत आवश्यक होता है। युवा ही इस देश में लोकतंत्र को बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। युवा शक्ति देश और समाज की रीढ़ होती है। युवा देश और समाज को नए शिखर पर ले जाते हैं।

युवा देश का वर्तमान हैं, तो भूतकाल और भविष्य के सेतु भी हैं। युवा गहन ऊर्जा और उच्च महत्वाकांक्षाओं से भरे हुए होते हैं। उनकी आंखों में भविष्य के इंद्रधनुषी स्वप्न होते हैं। समाज को बेहतर बनाने और राष्ट्र के निर्माण में सर्वाधिक योगदान युवाओं का ही होता है।

युवा बेहतर भविष्य के लिए मतदान के माध्यम से ईमानदार और विकासपरक सोच वाले प्रतिनिधि को चुनने और भ्रष्ट लोगों का सामाजिक दुत्कार को पहली सीढ़ी मानते हैं। ईमानदारी से वह सब कुछ करने का जिससे समाज समाज में बदलाव आए उनके लिए युवाओं को आगे आना चाहिए।

युवा ही इसकी दिशा बदल सकते हैं। अच्छी पढ़ाई और ज्ञानवान यूथ को इसके प्रति सोचना होगा। सत्ता का मोह छोड़कर जनता और समाज के हितों के बारे में सोचना होगा। इसके बाद समाज में बदलाव निश्चत होना तय है।

कुछ युवाओं का ध्यान अपनी पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं पर रहता है, इसलिए वे राजनीति में नहीं जाना चाहते। आज भी अच्छे घरों के उच्च शिक्षित युवा राजनीति में अपना कैरियर बनाना चाहते हैं। कई विसंगतियां जो हमें देश की राजनीति में दिखती हैं तो उन्हें दूर करने के लिए देश के युवाओं को आगे आना होगा।

देश की राजनीति को सुधारने के लिए पढ़े-लिखे युवाओं को राजनीति में आना ही होगा। भारत का भविष्य भी उज्जवल होगा। यदि युवा वर्ग को आगे आने का अवसर नहीं मिलेगा तो कैसे वह अनुभव प्राप्त करेगा आप युवाओं की दस खामियां तो गिनाते हैं। परंतु आज के तथाकथित अनुभवी राजनीतिज्ञों की कारगुजारियों पर क्यों चुप हो जाते हैं? हम सिर्फ यही कह कर चर्चाओं में शामिल होते रहेंगे कि इस देश का कुछ नहीं हो सकता, परंतु अब और नहीं सहेंगे।

हम युवाओं को चर्चाओं के मंच से बाहर निकल कर वास्तविकता की कसौटी पर स्वयं को साबित करना ही होगा और अपने हक को उनसे प्राप्त करना ही होगा। देश को सामरिक दृष्टि से सुरक्षित तथा देश के प्रत्येक नागरिक को सुरक्षा प्रदान करने के सन्दर्भ में सैन्य क्षमता एवं पुलिस प्रशासन कि बात आती है तो उसमे तो युवाओं की सर्वाधिक महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

कुछ लोग राष्ट्र निर्माण मात्र और मात्र राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जोड़कर देखते हैं, परंतु राष्ट्र निर्माण मात्र राजनीति से ही नहीं होता। राष्ट्र निर्माण होता है राष्ट्रवासी से। यदि देश में निवास करने वाला प्रत्येक राष्ट्रवासी यह ठान लें कि हमें अन्याय नहीं सहना है, अन्याय नहीं करना है तो राष्ट्र निर्माण की वह बुनियाद पड़ेगी कि युगों के बीतने पर भी राष्ट्र की ईमारत बुलंद रहेगी।

इसके बाद देश और समाज का हित होना तय हो सकता है। राजनीति में युवाओं की भागीदारी का आह्वान सभी पार्टियां जोर-शोर के साथ करती हैं। सभी पार्टियां चाहती हैं कि उनके पास युवा ब्रिगेड हो जो धरने से लेकर सभाओं तक की व्यवस्था करे और ये युवा अपने सपनों की डोर से हमारी पतंग उड़ाएं।

अब सोशल मीडिया की गुत्थम-गुत्था के लिए भी युवा की आवश्यकता है। प्रतिभाओं का पलायन रोक कर उनका अधिकतम उपयोग देश के विकास में किया जाए। सभी दलों को अपनी सोच बदलनी चाहिए और युवाओं को अधिकतम मौका देना चाहिए। युवाओं के सामने सही व साफ राजनीति की नजीर पेश करनी चाहिए ताकि वे रुचि लें।

समय की मांग है कि उम्र के साथ नेता राजनीति से सेवानिवृत्त हो जाएं। इससे नई पीढ़ी के लिए राजनीति में आने का अवसर मिलेगा। इनपर चीजें थोपी न जाएं। युवा वर्ग आज जब हर क्षेत्र में परचम लहरा रहा है तो, राजनीति में क्यों नहीं? आज पूरी दुनिया भारत की प्रतिभा की कायल है तो देश में ही उन्हें क्यों मौका न दिया जाए।

जब पूरा देश बदल रहा है तो इसके साथ ही देश की राजनीति को भी बदलना होगा। हर चुनाव प्रक्रिया में युवाओं को मौका मिलना चाहिए, एक मौका उन्हें मिले तो देश की स्थिति में सुधार नए तरीके से भी आ सकता है बशर्ते वो नशा मुक्त इंसान हो किसी भी प्रकार की बुराइयां उसमे ना हो। नई सोच नई पीढ़ी और नये उम्मीदवार हो। समृद्ध उन्नतशील देश का विकास हो।

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