डीएम ने लंबित दाखिल-खारिज मामलें में कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई की दी चेतावनी

डीएम ने लंबित दाखिल-खारिज मामलें में कर्मचारी के विरूद्ध कार्रवाई की दी चेतावनी

बहेड़ी व कुशेश्वरस्थान के सीओ से स्पष्टीकरण

दरभंगा । समाहरणालय अवस्थिब बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेदकर सभागार में जिलाधिकारी राजीव रौशन की अध्यक्षता में राजस्व विभाग की प्रगति की समीक्षा बैठक की गयी।
समीक्षा के दौरान ऑनलाईन जमाबन्दी प्रविष्टि के मामलें में पाया गया कि अधिकतर मामले त्रुटिपूर्ण प्रविष्टि की गयी है। जिलाधिकारी ने जमाबन्दी की मूलप्रति से मौजा, खाता-खेसरा, रकबा शीघ्र सुधार कर लेने का सख्त निर्देश दिया।
साथ ही चेतावनी देते हुए कहा कि वैसे कार्यपालक सहायक, जो त्रुटिपूर्ण जमाबन्दी की प्रविष्टि करते हैं, उनकी संविदा रद्द करते हुए उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी और संबंधित कर्मचारी के विरूद्ध प्रपत्र-क गठित किया जाएगा।
लंबित दाखिल-खारिज के वैसे मामलें जो 63 दिनों के समय-सीमा को पार कर चूका है, वैसे मामलों के लिए राजस्व कर्मचारी के विरूद्ध प्रपत्र-क गठित करने की कार्रवाई करने का निर्देश संबंधित अंचलाधिकारी को दिया गया।
परिमार्जन के मामलें में पाया गया कि 6,700 आवेदन सुधार हेतु लंबित है। सबसे ज्यादा मामले बहादुरपुर अंचल का पाया गया। इस पर जिलाधिकारी द्वारा अंचलाधिकारी, बहादुरपुर के विरूद्ध 03 दिनों के अन्दर प्रपत्र-क गठित करने का निर्देश भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर को दिया। साथ ही बहेड़ी एवं कुशेश्वरस्थान, जहाँ लंबित मामले अधिक पाये गये हैं, के अंचलाधिकारी से स्पष्टीकरण की माँग की गयी।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रत्येक माह की समीक्षा में खराब प्रर्दशन की सूची में नीचे से जो 03 अंचल रहेंगे, उनके पदाधिकारी एवं कर्मी के विरूद्ध प्रपत्र-क गठित होगा। लंबित एल.पी.सी. के मामलें में बहादुरपुर, गौड़ाबौराम, हायाघाट एवं सदर अंचल के अंचलाधिकारी से बारी-बारी से जवाब-तलब किया गया एवं 03 दिनों में सभी लंबित मामलें में निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
अभियान बसेरा की समीक्षा में सिंहवाड़ा में 205 एवं तारडीह में 165 मामलें लंबित पाये गये। संबंधित अंचलाधिकारी को जल्द से जल्द उनका निष्पादन करने का निर्देश दिया गया।
जल-जीवन-हरियाली अभियान के अन्तर्गत अतिक्रमण मुक्त जल निकाय की समीक्षा में मनीगाछी, सिंहवाड़ा में सर्वाधिक लंबित मामलें पाये गये।
उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया को सभी अंचलाधिकारियों को पुनः प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया।
राजस्व वसूली की समीक्षा में पाया गया कि राजस्व विभाग की वसूली लक्ष्य का 04 प्रतिशत् से भी कम उपलब्धि हुई है। जिलाधिकारी ने ऑनलाईन रसीद कटवाने पर ज्यादा ध्यान देने का निर्देश दिया।
लोक सेवा अधिकार अधिनियम के अन्तर्गत बहादुरपुर एवं सदर अंचल में ज्यादा मामलें लंबित पाये गये। सदर के अंचल निरीक्षक को पारदर्शिता के साथ ससमय प्रमाण-पत्र निर्गत करने के निर्देश दिये गये। अधिकतर अंचलाधिकारियों द्वारा 07 मई से सर्वर डाउन होने की जानकारी दी गयी।
उप विकास आयुक्त द्वारा जल शुद्धिकरण इकाई के स्थापना हेतु माँग की गई जमीन की समीक्षा की गयी। जिन अंचलों के द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है, उन्हें निर्धारित पंचायत में वांछित जमीन चिन्ह्ति करते हुए अनापत्ति प्रमाण-पत्र जल्द से जल्द उपलब्ध कराने के निर्देश दिये गये।
जिन अंचलों के द्वारा अनापत्ति प्रमाण-पत्र लंबित है, उनमें बहादुरपुर, बिरौल, सदर, गौड़ाबौराम, जाले, कुशेश्वरस्थान पूर्वी, मनीगाछी एवं सिंहवाड़ा अंचल शामिल है।
एस.डी.आर.एफ. के लिए भवन निर्माण करने हेतु सदर, बहादुरपुर, केवटी एवं बेनीपुर अंचल को 01 एकड़ जमीन चिन्ह्ति कर उपलब्ध कराने का निर्देश समाहर्त्ता राजीव रौशन द्वारा दिया गया।
बैठक में उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, सदर मो. सादूल हसन एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे। वहीं सभी अंचलाधिकारी, अंचल निरीक्षक एवं प्रखण्ड स्तरीय पदाधिकारी ऑनलाईन जुड़े हुए थे।

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