एनसीसीएफ छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहा है :- द ग्रेट भीम आर्मी
दरभंगा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय दरभंगा में छात्रों के पंजीयन से लेकर परीक्षा परिणाम तक के लिए एक निजी कंपनी एनसीसीएफ से 2016 में अनुबंध हुआ और मात्र 3 साल के लिए किया गया था अर्थात 2019 में उस कंपनी का अनुबंध समाप्त हो गया l उसके बाद वे कंपनी कार्य करती रही l यह भी एक जांच का विषय है l लेकिन वर्तमान कुलपति प्रोफेसर एसपी सिंह के जमाने में खुले टेंडर के माध्यम से उस कार्य के लिए हुई दूसरी कंपनी अपनी अहर्ता की बुनियाद पर काम प्राप्त किया है और विश्वविद्यालय में उसने काम भी प्रारंभ कर दिया है l लेकिन इन एनसीसीएफ अपनी हठधर्मिता और चालबाजी से विश्वविद्यालय को पूर्व का डाटा नहीं दे रही है और मामले को उलझाने के लिए उच्च न्यायालय पटना में केस किया है l उच्च न्यायालय ने अपनी पहली सुनवाई में ही एनसीसीएफ को छात्रों का लंबी परीक्षा परिणाम प्रकाशन करने और संपूर्ण डाटा देने का आदेश दे रखा है l जो स्वागत योग्य है लेकिन जो एनसीसीएफ अनाधिकृत रूप से अब भी विश्वविद्यालय में डटा हुआ है, स्नातक तृतीय कला का परीक्षा परिणाम प्रकाशित ना कर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है l
खेद की बात तो यह है कि कुछ स्वार्थी तत्व तथाकथित छात्र संगठन के नाम पर एनसीसीएस जैसी अनाधिकृत कंपनी के पक्ष में बयान दे रहे हैं और आंदोलन करके विश्वविद्यालय के कार्यों में बाधा भी डाल रहे हैं l जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वविद्यालय थाना में एनसीसीएस के स्थानीय प्रबंधक विवेक कुमार के नाम परीक्षा परिणाम घोषित नहीं करने के कारण एफ आई आर दर्ज भी कराई है लेकिन पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही है और एनसीसीएस कंपनी मिथिला के हजारों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है l भीम आर्मी दरभंगा एनसीसीएफ कंपनी को चेतावनी देती है कि अगर 2 दिनों के अंदर स्नातक तृतीय खंड कला एवं अन्य लंबित परीक्षाफल प्रकाशित नहीं करेगी तो कंपनी के विरुद्ध आंदोलन करेगी l जन आक्रोश के बाद जो परिणाम होगा उसके लिए कंपनी स्वयं जिम्मेवार होगी l
विश्वविद्यालय प्रशासन से हम लोग अनुरोध करते हैं कि प्रशासनिक स्तर पर इस तरह की अनाधिकृत कंपनी जो छल , बल और धन के सहारे मामले को उलझाना चाहती है , उसके लिए पूरी दक्षता के साथ कानूनी कार्रवाई करें l भीम आर्मी के सभी सदस्य विश्वविद्यालय प्रशासन के साथ खड़ा है क्योंकि यह कंपनी मिथिलांचल के हजारों निर्धन छात्रों के भविष्य के अंधकार में ले जाना चाहती है और अनाधिकृत रूप से मिथिला विश्वविद्यालय में जमा रहना चाहती है जो घोर निंदनीय है l पुलिस प्रशासन से भी मेरा अनुरोध है की जिस व्यक्ति पर मुकदमा किया गया है उस पर त्वरित कार्रवाई करें l