शिक्षकों ने तंग आकर न्याय के लिए लगाया डीईओ से गुहार
चार साल से सेवा पुस्तिका पर नही हुआ है एक भी अक्षर अंकित,बगैर किसी सूचना के वेतन से की गई कटौती

दरभंगा। जिला में पदस्थापित स्थानीय निकायों के नगर ,पंचायत , प्रखण्ड शिक्षकों के वेतन में एक इंक्रीमेंट का लाभ काटते हुए राशि की वसूली तक कर ली गई लेकिन न ही इस सन्दर्भ में कोई आदेश निर्गत हुआ और न ही किसी शिक्षक को इसके सन्दर्भ में जानकारी दी गई। प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी से जब इस सन्दर्भ में शिक्षकों ने पूछा तो उच्चाधिकारियों के आदेश की दुहाई तो दी गई लेकिन कोई लिखित आदेश दिखाने में विभाग अक्षम साबित हुआ। शिक्षकों को आजतक पता नही चला है कि उनका वेतन आखिर क्यों काटा गया। अगर यह कटौती जायज है तो फिर इसका कोई पत्र निकलना चाहिए था। दूसरी ओर चार साल से अधिक हो गए है सप्तम वेतन निर्धारण के लेकिन आजतक सेवा पुस्तिका पर एक अक्षर तक अंकित नही किया गया। शिक्षकों ने कईबार इस सन्दर्भ मे जिला स्तर पर पदाधिकारी से अनुरोध भी किया लेकीन हमेशा ही इसे अनसुनी कर दी जाती रही इस बीच सैकड़ो की संख्या में शिक्षकों के द्वारा विभिन्न तरह के अवकाश का उपभोग किया गया, योग्यता विस्तारित की गई जिसका अंकन सेवा पुस्तिका पर होना अनिवार्य है लेकिन इसके सन्दर्भ मे विभाग पूरी रूप से सोया हुआ है। इसी के परिपेक्ष्य में टीईटी एसटीईटी उत्तीर्ण नियोजित शिक्षक संघ गोपगुट के द्वारा जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई गई।संघ के जिलाध्यक्ष प्रमोद मण्डल, महासचिव रंजन पासवान, जिला प्रवक्ता धनंजय झा, कार्यकारिणी सदस्य सोनू मिश्रा, उपदेश कुमार ने बताया कि संघ इससे पहले भी कई बार जिला स्तर के पदाधिकारियों से अनुरोध करता रहा है लेकिन फलाफल शून्य रहा है। अक्सर जब भी शिक्षकों पर कार्रवाई या उनका अहित होने वाला होता है तो उसपर विभाग त्वरित पहल करती है लेकिन जो मामला शिक्षकों के फायदे से जुड़ा होता है उसे वर्षो तक लटकाया जाता है। विभाग सदैव टीईटी शिक्षकों के प्रति दोहरा मानदंड अपनाती रहती है। वेतन विसंगति का मामला हो या कोई औऱ सदैव ही टीईटी शिक्षकों के साथ छल किया जाता है जिसका जबाब दिया जाएगा और अगर शिक्षकों के साथ न्याय नही होता है तो संघ आंदोलन को बाध्य होगा।