लॉकडाउन को लेकर मुख्य सचिव ने अधिकारियों से लिया फीडबैक

मोहन चन्द्रवंशी

दरभंगा। कोरोना महामारी संक्रमण की रोकथाम के लिए बिहार में लगाये गये लॉकडाउन की अवधि विस्तार एवं लगाये गये विभिन्न प्रतिबंधों में छुट को लेकर मुख्य सचिव, बिहार त्रिपुरारी शरण की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गयी। जिसमें मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक एस.के. सिंघल, अपर मुख्य सचिव, गृह विभाग चैतन्य प्रसाद, अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग प्रत्यय अमृत,  बिहार के सभी प्रखण्डलीय आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उप महानिरीक्षक, सभी जिलाधिकारी, सभी वरीय पुलिस अधीक्षक ने भाग लिया।
मुख्य सचिव के निर्देश पर गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव चैतन्य प्रसाद द्वारा बारी-बारी से सभी पदाधिकारियों से बिहार में लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने तथा वर्तमान प्रतिबंधों में छूट देने को लेकर फीडबैक लिया गया। अधिकतर पदाधिकारियों ने लॉकडाउन की अवधि 01 सप्ताह से 10 दिनों तक विस्तारित करने का सुझाव दिया। दुकानों को प्रतिदिन खोलने, नाइट कर्फ्यू जारी रखने, शादी और श्राद्ध में प्रतिभागियों की संख्या बढ़ाकर 50 करने, कार्यालय में टीका लगवा चुके व्यक्तियों के लिए प्रवेश दिये जाने, साथ ही जहाँ कोरोना संक्रमित मिल रहे है, वहाँ आस-पास के सभी लोगों की टेस्टिंग कराने, धार्मिक स्थलों एवं जन सभाओं पर प्रतिबंध जारी रखने, डिग्री कॉलेज खोलने, स्टेडियम एवं जीम में केवल खिलाड़ियों को कोविड प्रोटोकॉल के साथ खोलने की अनुमति प्रदान करने का सुझाव दिया।
दरभंगा से आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा मनीष कुमार ने भी लॉकडाउन की अवधि बढ़ाने तथा प्रतिबंधों व नाइट कर्फ्यू को अभी जारी रखने के सुझाव दिये।
प्रभारी जिलाधिकारी -सह-उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया ने कहा कि जिले में कोविड टेस्टिंग की जा रही है और पॉजिटिभिटी दर भी घट गयी है। मुम्बई से आने वाली ट्रेन पवन एक्सप्रेस के यात्रियों की कोविड टेस्टिंग की जा रही है। प्रतिदिन 03 से 04 पॉजिटिव रेलवे स्टेशन पर मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा कि कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाते हुए दुकानें प्रतिदिन खुलवाई जा सकती है, जिससे भीड़ कम होगी। दुकानों में दुकानदार एवं उनके कर्मियों का टीकाकरण अनिवार्य किया जा सकता है। बाकी प्रतिबंध ज्यों की त्यों रहनी चाहिए।
बैठक में मुख्य सचिव ने बताया कि कोरोना टेस्टिंग कहीं भी कम नहीं होनी चाहिए, जहाँ कोरोना के मरीज मिल रहे हैं, वहाँ आसपास के सभी लोंगो की टेस्टिंग होनी चाहिए। शहरों में संक्रमण की संभावना ज्यादा होती है, इसलिए प्राथमिकता के आधार पर शहरी क्षेत्र के सभी लोगों का टीकाकरण किया जाए।
दरभंगा से वर्चुअल बैठक में आयुक्त कार्यालय सभागार से आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल मनीष कुमार, आयुक्त के सचिव दुर्गानन्द झा, आयुक्त के निजी सहायक दीपक कुमार, वहीं दरभंगा समाहरणालय के एन.आई.सी से पुलिस महानिरीक्षक, मिथिला प्रक्षेत्र अजिताभ कुमार, वरीय पुलिस अधीक्षक बाबु राम, प्रभारी जिलाधिकारी-सह-उप विकास आयुक्त तनय सुल्तानिया, सिविल सर्जन डॉ. संजीव कुमार सिन्हा, उप निदेशक, जन सम्पर्क नागेन्द्र कुमार गुप्ता, डी.पी.एम. (हेल्थ) विशाल कुमार मौजूद थे।

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