काम को मिला इनाम, सरकार ने आवास कर्मियों के मानदेय को बढ़ाने का दिया आश्वासन
हड़ताल स्थगित, ड्यूटी पर लौटे आवास कर्मी
संजय मिश्र
दरभंगा
विषम परिस्थितियों में धैर्यपूर्वक सरकारी योजना को धरती पर उतारने .. व्यवहारिक अपेक्षित मांगों की अभिलाषा को शीतल हो हृदय से लगाए रखने और सरकार के लिए बाधा बनने से बचते रहने को हुक्मरान महसूस करते रहे। इन्हें लगा एक माता शिशु के रोने पर दूध पिलाती। सोच विचार के बाद आवास कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जा बैठे। ऐसा पूरे बिहार में हुआ। पटना के सत्ताधीशों के कान खड़े हुए। वार्ता हुई .. मानदेय बढ़ाने पर तत्काल सहमति बनी। राज्य भर के साथियों की तरह दरभंगा में धरना पर बैठे आवास कर्मियों ने सोमवार को हड़ताल स्थगित कर दी है।
संघर्ष से मिले लाभ से आवास कर्मियों के चेहरे दमक रहे थे। वे काम पर लौट आए हैं। राज्य ग्रामीण आवास कर्मी संघ के दरभंगा जिला अध्यक्ष राहुल पासवान ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि 16 सूत्री मांगों को लेकर पूरे बिहार के आवास कर्मी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर थे। उन्होंने कहा कि विभागीय सचिव से हुई वार्ता के बाद जो सकारात्मक आश्वासन मिला है उसी के आलोक में यह निर्णय लिया गया है। राहुल पासवान ने बताया कि पिछले 7 वर्षों से आवास कर्मियों का मानदेय नहीं बढ़ा जबकि महंगाई दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। वर्ष 2014 से लगातार उत्कृष्ट कार्य करने के बावजूद आवास कर्मियों को ना तो सम्मानजनक वेतन मिल रहा है और ना ही सरकारी कर्मी का दर्जा। उन्होंने कहा कि सरकार की पहल का स्वागत है। लेकिन 16 सूत्री मांगों पर हम अडिग हैं। 15 दिन बाद संघ सरकार के रुख पर गौर फरमाएगा।
जिला सचिव ब्रजमोहन कुमार चौपाल एवं जिला संरक्षक बच्चा बाबू लाल देव ने चेताया कि सरकार समय पर आश्वासनो को को अमल में लाए। अन्यथा आवास कर्मियों को फिर से आंदोलन की राह पकड़ने को बाध्य होना पड़ेगा।
मनीष कुमार, आलोक रंजन, आशीष सिंह, राकेश झा, उदय शंकर चौरसिया, राकेश कुमार, पवन साह, शिव शंभू पासवान, अमरेश भास्कर, सैफुर रहमान, सरफराज, अनवर अली ,अनिस कुमार, अमित कुमार, राज कुमार, नेमतुल्लाह आदि लोगों ने सरकार पर फूट डालो और राज करो की नीति पर हमला बोलते हुए आगाह किया कि पूरे राज्य के आवास कर्मी एकजुट हैं और सरकार ईमानदारी से वादे पूरी करे। धरना स्थल पर सैकड़ो आवास कर्मी उपस्थित रहे।

