संस्कृत व संस्कार के विकास के लिए काम करूंगा :- प्रोवीसी

दरभंगा।राज भवन पटना ने आज गुरुवार को संस्कृत विश्वविद्यालय के नए प्रतिकुलपति के रूप में व्याकरण व दर्शन के विद्वान प्रो0 सिद्धार्थ शंकर सिंह को नियुक्त करने का आदेश जारी कर दिया है। यहां प्रतिकुलपति का महीनों से पद रिक्त था। वहीं, जेपी0 विश्वविद्यालय से ताल्लुक रखने वाले प्रो0 सिंह ने आज कहा कि वे पढ़ने व पढ़ाने वाले लोग हैं। बिना कक्षा लिए यानी छात्रों को बिना पढ़ाये उनका भोजन ही हजम नहीं होता है। संस्कृत विश्वविद्यालय में वे खुद कक्षा लेंगे और खासकर छात्रों से सीधे ताल्लुकात रखेंगे।
विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव प्रथम सह पीआरओ निशिकांत से बात करते हुए उक्त जानकारी देने के बाद नवनियुक्त प्रोवीसी प्रो0 सिंह ने खुलासा किया कि संस्कृत व संस्कार के विकास के लिए वे प्रतिबद्ध हैं और इसके लिए जो भी सम्भव है वह किया जाएगा। इसके लिए जनता से सीधा संवाद होगा और संस्कृत के प्रति जो भ्रांतियां हैं उसे भी भरसक दूर किया जाएगा।
इसी क्रम में उन्होंने यह भी कहा कि शैक्षणिक वातावरण निखारने के लिए शोधोन्मुखी कार्यक्रम किये जायेंगे। संस्कृत के फलक को और व्यापक किया जाएगा। इतना ही नहीं, संस्कृत के भीतर व्याप्त जनउपयोगी अवधारणाएं पुष्ट की जाएंगी। जरूरत के हिसाब से आयुर्वेद व अन्य विकसित चीजों का पेटेंट भी कराया जाएगा।कुल मिलाकर उनके अनुसार लब्बोलुआब यह रहा कि संस्कृत के उत्थान व विकास के लिए हर उस कदम को आगे बढ़ाया जाएगा जो अब तक सुप्त था या क्रियाहीन था।

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