महाराजा कामेश्वर सिंह की 116 वीं जयंती के अवसर पर ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर स्थित महाराजा की आदमकद प्रतिमा पर प्रभारी कुलपति प्रोफेसर ए के बच्चन एवं अन्य के द्वारा माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर प्रोफेसर बच्चन ने कहा कि महाराजा का व्यक्तित्व अद्वितीय था। मिथिला के सर्वांगीण विकास हेतु वे सदैव तत्पर रहे।

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार के क्षेत्र में उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। मैथिली विभागाध्यक्ष प्रोफेसर दमन कुमार झा ने कहा कि दरभंगा से हवाई यात्रा उनकी ही देन है। प्रोफेसर अशोक कुमार मेहता ने कहा कि कुलपति प्रोफेसर सुरेन्द्र प्रताप सिंह भी इस कार्य के लिए सदैव स्मरणीय रहेंगे कि उन्होंने महाराजा की आदमकद प्रतिमा परिसर में स्थापित करवाया। इस अवसर पर पर मो सैय्यद जमाल अशरफ,श्री राजू राम एवं अन्य लोगों ने भी श्रद्दा सुमन अर्पित किया।